निष्‍पादन
झारखंड

वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 2 : भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन

दिनांक जिस पर रिपोर्ट की गई है:
Tue 11 Aug, 2026
शासन को रिपोर्ट भेजने की तिथि:
सरकार के प्रकार:
राज्य
क्षेत्र -

अवलोकन

प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण

भारत सरकार ने “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी)” का आरंभ (नवंबर 2016), सभी ग्रामीण बेघर परिवारों और कच्चे और जीर्ण-शीर्ण आवासों में रहने वाले परिवारों को मूलभूत सुविधाओं वाले पक्के आवास प्रदान करने और पूर्ववर्ती इंदिरा आवास योजना (आईएवाई) की कमियों जैसे कि आवासों की कमी का आकलन न होना, लाभार्थियों के चुनाव में पारदर्शिता की कमी, बनाए गए आवासों की गुणवत्ता में कमी और तकनीकी पर्यवेक्षण की कमी, अभिसरण की कमी, लाभार्थियों द्वारा ऋण न लेना और निगरानी की कमजोर प्रणाली इत्यादि को दूर करने के लिए किया।

लेखापरीक्षा के उद्देश्य

योजना के तय लक्ष्यों को पाने में इसकी अहमियत और ग्रामीण लाभार्थियों पर इसके प्रभाव को देखते हुए, पीएमएवाई-जी (2019-24) का निष्पादन लेखापरीक्षा (पीए) जुलाई 2024 से दिसंबर 2024 के दौरान किया गया। पीए का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या लाभार्थियों की पहचान, चयन और सत्यापन  का तरीका पारदर्शी, पर्याप्त और पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों के अनुरुप था; क्या योजना का कार्यान्वयन जिसमें दूसरी योजनाओं के साथ अभिसरण भी शामिल है, दिशानिर्देशों के अनुरुप था; क्या योजना का वित्तीय प्रबंधन पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों और लागू होने वाले अन्य वित्तीय नियमों के अनुरुप था; और क्या योजना की निगरानी और मूल्यांकन का तरीका पर्याप्त तथा प्रभावशाली था। निष्पादन लेखापरीक्षा प्रतिवेदन का उद्देश्य, विद्यमान कमियों को उजागर करना, उनके सुधार के लिए उपचारात्मक कार्रवाई का सुझाव देना और योजना के परिणामों को मजबूत बनाने के उपायों की सिफारिश करना है।

 

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