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यह प्रतिवेदन संविधान के अनुच्छेद 151 के अंतर्गत झारखण्ड के राज्यपाल को प्रस्तुत करने हेतु तैयार की गई है।
झारखण्ड सरकार की राज्य वित्त लेखापरीक्षा प्रतिवेदन का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य के वित्तीय प्रदर्शन का आकलन करना और वित्तीय आँकड़े के लेखापरीक्षा विश्लेषण के आधार पर राज्य विधानसभा को सुझाव प्रदान करना है। प्रतिवेदन में तीन अध्याय हैं।
अध्याय I - राज्य के वित्त का अवलोकन
यह अध्याय प्रतिवेदन के आधार और दृष्टिकोण का वर्णन करता है और राज्य के वित्त का एक व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रदान करता है। इसमें प्रमुख सूचकांकों और राज्यों की राजकोषीय स्थिति का एक वृहद-राजकोषीय विश्लेषण शामिल है, जिसमें घाटा/आधिक्य, ऋण की रूपरेखा और प्रमुख लोक लेखा लेनदेन शामिल हैं।
अध्याय II - बजटीय प्रबंधन
यह अध्याय राज्य के विनियोग लेखों पर आधारित है और राज्य सरकार के विनियोग और आवंटन प्राथमिकताओं की समीक्षा करता है और बजटीय प्रबंधन से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों से विचलन पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करता है।
अध्याय III - वित्तीय प्रतिवेदन की प्रथाएं
इस अध्याय में राज्य सरकार के विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा प्रस्तुत लेखों की गुणवत्ता और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित वित्तीय नियमों और विनियमों के अनुपालन न करने के मुद्दों पर टिप्पणी की गई है।
विभिन्न विभागों में निष्पादन लेखापरीक्षा और लेनदेन की लेखापरीक्षा के निष्कर्षों और सांविधिक निगमों, बोर्डों और सरकारी कंपनियों की लेखापरीक्षा से उत्पन्न टिप्पणियों वाले प्रतिवेदन और राजस्व प्राप्तियों पर टिप्पणियों वाले प्रतिवेदन अलग से प्रस्तुत किए जाते हैं।