लेखापरीक्षा रिपोर्ट
Uttar Pradesh
भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के कार्यकलापों पर प्रतिवेदन, उत्तर प्रदेश सरकार, वर्ष 2025 का प्रतिवेदन संख्या-14, (निष्पादन लेखापरीक्षा- सिविल)
अवलोकन
भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कार्यकलापों पर निष्पादन लेखापरीक्षा प्रतिवेदन (वर्ष 2025 का प्रतिवेदन संख्या 14), भारत के संविधान के अनुच्छेद 151 के तहत उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया गया है। यह लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा निर्गत लेखापरीक्षा मानकों के अनुरूप सम्पादित की गई है।
निष्पादन लेखापरीक्षा वर्ष 2017-18 से 2021-22 (मार्च 2024 तक अद्यतित) की अवधि को आच्छादित करता है। इस प्रतिवेदन में पाँच अध्याय, यथा, सामान्य भूमि का नियोजन एवं अधिग्रहण अधिग्रहित भूमि में अवस्थापना का विकास भूखण्डों का आवंटन और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली सम्मिलित हैं। अध्याय-I: सामान्य में लेखापरीक्षा उद्देश्य, लेखापरीक्षा मानदण्ड, लेखापरीक्षा का कार्यक्षेत्र और कार्यविधि सम्मिलित हैं। अन्य चार अध्यायों में लेखापरीक्षा परिणाम सम्मिलित हैं।
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के कार्यकलापों पर प्रतिवेदन, उत्तर प्रदेश सरकार, वर्ष 2025 का प्रतिवेदन संख्या-14, (निष्पादन लेखापरीक्षा- सिविल)
(4.87 एमबी)
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विषय सूची
(0.22 एमबी)
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प्राक्कथन
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कार्यकारी सारांश
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अध्याय-I: सामान्य
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अध्याय-II: भूमि का नियोजन एवं अधिग्रहण
(0.31 एमबी)
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अध्याय-III: अधिग्रहित भूमि में अवस्थापना का विकास
(0.40 एमबी)
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अध्याय-IV: भूखण्डों का आवंटन
(0.46 एमबी)
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अध्याय-V: आंतरिक नियंत्रण प्रणाली
(1.73 एमबी)
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परिशिष्टियाँ
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संक्षेपणों की सूची
(0.15 एमबी)
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