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Uttar Pradesh

निष्पादन लेखापरीक्षा प्रतिवेदन संख्या-12, वर्ष 2025 वाणिज्यिक: लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना का निर्माण एवं संचालन

दिनांक जिस पर रिपोर्ट की गई है:
Fri 20 Feb, 2026
सरकार के प्रकार
राज्य
क्षेत्र परिवहन एवं इंफ्ररास्ट्राकचर

अवलोकन

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2013-14 के बजट में लखनऊ के लिए मेट्रो रेल परियोजना की घोषणा की गयी थी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दो कॉरिडोर (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर: 22.88 किलोमीटर एवं पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर: 11.10 किलोमीटर) के लिये विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गयी थी। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप से अक्टूबर 2013 में स्वीकृति प्रदान की गयी एवं भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2013 में उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर (फेज-1ए) की परियोजना हेतु सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गयी थी।

लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए नवंबर 2013 में लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (कंपनी) का गठन किया गया था। लखनऊ मेट्रो के 22.88 किलोमीटर लंबाई के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का कार्य सितंबर 2014 में प्रारम्भ होकर मार्च 2019 में पूर्ण हुआ था। बाद में 23 अक्टूबर 2019 को कंपनी का नाम परिवर्तित कर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड कर दिया गया था। यह कंपनी 50:50 इक्विटी के साथ भारत सरकार एवं राज्य सरकार का एक संयुक्त उद्यम है।

लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1ए के निर्माण एवं संचालन पर निष्पादन लेखापरीक्षा इस उद्देश्य से की गयी थी कि क्या (i) आर्थिक व्यवहार्यता और सर्वाधिक उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के चयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी योजना तैयार की गई थी (ii) परियोजना निष्पादन एवं अनुबंध प्रबंधन सावधानी पूर्वक, मितव्ययता पूर्ण, समयान्तर्गत एवं पारदर्शी ढंग से क्रियान्वित किया गया था (iii) परियोजना का कार्य निर्धारित विशिष्टियों के अनुरूप समय पर पूर्ण  किया जाना सुनिश्चित किये जाने के लिए अनुश्रवण हेतु पर्याप्त तंत्र उपलब्ध था तथा (iv) संचालन एवं रखरखाव कार्यक्षम थे और वाणिज्यिक संचालन के पश्चात् नियोजित लाभ प्राप्त किये गये थे।

परियोजना के फेज-1ए की निष्पादन लेखापरीक्षा में, नवंबर 2013 में इसके प्रारंभ से मार्च 2023 तक की अवधि में की गयी गतिविधियों को आच्छादित किया गया था। सिविल, रोलिंग स्टॉक, ट्रैक, इलेक्ट्रिकल, सिग्नलिंग एण्ड  टेलीकॉम, संपत्ति विकास तथा संचालन एवं रखरखाव से संबंधित कुल 144 अनुबंधों में से ₹ 4,987.21 करोड़ मूल्य के कुल 51 अनुबंधों (21 वृहद् कार्य एवं 30 लघु कार्य) को लेखापरीक्षा में आच्छादित किया गया था । फेज-1ए परियोजना के तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के दौरान तकनीकी परामर्श प्रदान करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (आईआईटी, कानपुर) को नियुक्त किया गया था।

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