नागालैंड के प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा) सरकारी विभागों का समय-समय पर निरीक्षण करते हैं ताकि लेन-देन की जाँच की जा सके और नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार महत्वपूर्ण खातों और अन्य अभिलेखों के रखरखाव को सत्यापित किया जा सके।

इन निरीक्षणों के बाद निरीक्षण रिपोर्ट (आईआर) जारी की जाती हैं, जिनमें निरीक्षण के दौरान पाई गई और मौके पर हल न की गई अनियमितताओं का उल्लेख होता है। आईआर रिपोर्ट निरीक्षण किए गए कार्यालयों के प्रमुखों को जारी की जाती हैं और सुधारात्मक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को इनकी प्रतियां भेजी जाती हैं।

कार्यालयों/सरकार के प्रमुखों को आईआर रिपोर्ट में निहित टिप्पणियों का अनुपालन करना, कमियों और चूक को दूर करना और आईआर रिपोर्ट जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा) को प्रारंभिक उत्तर के माध्यम से अनुपालन की रिपोर्ट देना अनिवार्य है। गंभीर अनियमितताओं की रिपोर्ट विभागों के प्रमुखों और सरकार को दी जाती है।

मार्च 2023 तक, 1997-98 से जारी की गई 1,845 आईआर रिपोर्टें, जिनमें महत्वपूर्ण अनुच्छेद शामिल हैं, निपटान के लिए लंबित थीं। लंबित सूचनाओं की बड़ी संख्या कार्यालयों के प्रमुखों और विभागों के प्रमुखों द्वारा सूचनाओं के माध्यम से इंगित की गई कमियों, चूक और अनियमितताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त कार्रवाई के अभाव का संकेत थी।

स्रोत: नागालैंड सरकार की 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वर्ष के लिए सामाजिक (स्थानीय सरकार लेखापरीक्षा सहित), आर्थिक, सामान्य और राजस्व क्षेत्रों पर भारत के केंद्रीय एवं महाधिवक्ता की रिपोर्ट का पैरा 7.3। (रिपोर्ट संख्या 2, 2025)

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