FAQ
सामान्य भविष्य निधि (GPF)
GPF से संबंधित मामलों एवं उसके संधारण पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
GPF से संबंधित FAQs को 3 (तीन) अनुभागों में दर्शाया गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह FAQ केवल मार्गदर्शन एवं सामान्य जानकारी हेतु है। वैधानिक अधिकारों एवं पात्रताओं के लिए मूल नियमों एवं विनियमों का संदर्भ लिया जाना चाहिए।
-
यह FAQ केवल राज्य सरकार के कर्मचारियों एवं अखिल भारतीय सेवा (All India Service) अधिकारियों के GPF अंशधारकों के लिए है।
-
यह FAQ राज्य सरकार एवं अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा दिवंगत कर्मचारियों के परिवारजनों के लिए भी है।
-
वर्तमान में FAQs केवल अंग्रेज़ी में उपलब्ध हैं। इन्हें बंगला में प्रकाशित करने के प्रयास जारी हैं।
अनुभाग – A
दिवंगत सरकारी कर्मचारी के परिवार के लिए FAQs
प्रश्न 1: GPF नियमों के उद्देश्य से ‘परिवार’ में कौन शामिल है?
उत्तर: पति/पत्नी, माता-पिता, बच्चे, अवयस्क भाई, अविवाहित बहनें, दिवंगत पुत्र की विधवा एवं बच्चे तथा यदि अंशधारक के माता-पिता जीवित न हों तो पितृ पक्ष के दादा-दादी। महिला अंशधारक अपने पति को परिवार की सूची से बाहर रख सकती है।
प्रश्न 2: दिवंगत सरकारी कर्मचारी के GPF शेष राशि के अनुमोदन, प्राधिकरण एवं वितरण में संबंधित हितधारक कौन हैं?
उत्तर: कार्यालयाध्यक्ष/आहरण एवं संवितरण अधिकारी/विभाग पेंशन स्वीकृत करने वाला प्राधिकारी है, महालेखाकार (AG), त्रिपुरा प्राधिकृत करने वाला प्राधिकारी है तथा संबंधित कोषागार/बैंक भुगतान करने वाला प्राधिकारी है।
प्रश्न 3: दिवंगत सरकारी सेवक के आश्रितों/परिवार को कौन-कौन से लाभ उपलब्ध हैं?
उत्तर:
-
ब्याज सहित GPF खाते में उपलब्ध शेष राशि।
-
जमा संबद्ध बीमा योजना (DLIS)—निम्न शर्तों के अधीन:
i) मृत्यु सेवा में रहते हुए हुई हो।
ii) दिवंगत अंशधारक ने कम से कम पाँच वर्ष की सेवा पूरी की हो।
iii) लाभ 36 महीनों की औसत शेष राशि तक सीमित होगा तथा अधिकतम ₹10,000/- होगा।
प्रश्न 4: GPF अंतिम भुगतान प्रकरण के निपटान हेतु कौन से नियम लागू हैं?
उत्तर: सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवाएँ) नियम, 1960, जैसा कि त्रिपुरा सरकार द्वारा अपनाया गया है।
प्रश्न 5: GPF भुगतान में तेजी लाने हेतु शिकायत कहाँ की जा सकती है?
| क्र. | शिकायत का स्वरूप | संबंधित प्राधिकारी | शिकायत का माध्यम |
|---|---|---|---|
| a | GPF अंतिम भुगतान की स्वीकृति | वह कार्यालय जहाँ कर्मचारी ने अंतिम बार सेवा की | डाक/ई-मेल/व्यक्तिगत |
| b | GPF अंतिम भुगतान का प्राधिकरण | महालेखाकार (A&E), त्रिपुरा, पी.ओ. कुंजबन, अगरतला-799006 | ई-मेल: grievance[dot]ae[dot]tri[at]cag[dot]gov[dot]in; ऑनलाइन प्रणाली; व्हाट्सऐप: 7085085500; फोन: 7085059617 (कार्यदिवस 11 AM–5 PM); डाक |
| c | GPF भुगतान का वितरण | कोषागार अधिकारी/बैंक | डाक/ई-मेल/व्यक्तिगत |
प्रश्न 6: GPF शेष राशि के प्राधिकरण की प्रक्रिया कैसे शुरू करें?
उत्तर: सेवा में मृत्यु होने पर, निर्धारित प्रपत्र में आवेदन आवश्यक दस्तावेजों सहित कार्यालयाध्यक्ष/डीडीओ को प्रस्तुत करें।
प्रश्न 7: कौन से प्रपत्र/दस्तावेज आवश्यक हैं?
उत्तर: फॉर्म-10(C)।
प्रश्न 8: दस्तावेज कहाँ से प्राप्त करें?
-
मृत्यु प्रमाण-पत्र: संबंधित नगर पालिका/नगर पंचायत/ब्लॉक से।
-
जीवन प्रमाण-पत्र (Survival Certificate): उप-जिलाधिकारी से।
प्रश्न 9: भुगतान में देरी के सामान्य कारण क्या हैं?
उत्तर: AG कार्यालय में प्रस्ताव देर से भेजना, अपूर्ण जानकारी, मृत्यु प्रमाण-पत्र/जीवन प्रमाण-पत्र का अभाव।
प्रश्न 10: GPF प्राधिकरण मिलने के बाद क्या करें?
उत्तर: संबंधित DDO/कोषागार अधिकारी से संपर्क कर भुगतान प्राप्त करें।
अनुभाग – B
सरकारी/सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए GPF FAQs
प्रश्न 11: GPF में शामिल होने की पात्रता क्या है? (नियम-4)
उत्तर:
a) 01.07.2018 से पहले नियुक्त एवं कम से कम 6 माह की निरंतर सेवा।
b) अस्थायी कर्मचारी—एक वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण होने पर।
c) नियमित रिक्ति पर नियुक्त अस्थायी कर्मचारी—एक वर्ष से पहले भी विकल्प।
प्रश्न 12: लागू नियम कौन से हैं?
उत्तर: GPF नियम, 1960 (त्रिपुरा सरकार द्वारा अपनाए गए) एवं उनके संशोधन।
प्रश्न 13: ‘परिवार’ की परिभाषा?
उत्तर: (प्रश्न 1 के समान)।
प्रश्न 14: दत्तक संतान परिवार का सदस्य है?
उत्तर: हाँ, यदि व्यक्तिगत कानून के अंतर्गत दत्तक वैध हो।
प्रश्न 15: न्यूनतम अंशदान?
उत्तर: कुल वेतन का न्यूनतम 6%।
प्रश्न 16: अधिकतम अंशदान?
उत्तर: वेतन से अधिक नहीं।
प्रश्न 17: अंशदान दर में परिवर्तन?
उत्तर: हाँ—वर्ष में एक बार घटाया जा सकता है (न्यूनतम से कम नहीं) तथा दो बार बढ़ाया जा सकता है।
प्रश्न 18: अंशदान की वसूली कैसे?
उत्तर: कोषागार से वेतन से; प्रतिनियुक्ति पर—डिमांड ड्राफ्ट/चेक द्वारा AG के पक्ष में।
प्रश्न 19: अंशदान न काटने की अवस्थाएँ?
उत्तर: निलंबन, अर्धवेतन/अवेतन अवकाश, डाइस-नॉन अवधि, सेवानिवृत्ति से अंतिम 3 माह।
प्रश्न 20: नामांकन क्यों आवश्यक है?
उत्तर: मृत्यु की स्थिति में राशि प्राप्ति का अधिकार सुनिश्चित करने हेतु।
प्रश्न 21: क्या नामांकन केवल परिवार के सदस्यों का?
उत्तर: हाँ, यदि परिवार हो।
प्रश्न 22: GPF अंतिम देय कब होता है?
उत्तर: सरकारी सेवा छोड़ने/सेवानिवृत्ति पर।
प्रश्न 23: सेवानिवृत्ति से 6/12 माह पहले क्या करें?
उत्तर: निर्धारित प्रपत्र में दावा DDO/कार्यालयाध्यक्ष को प्रस्तुत करें।
प्रश्न 24: शिकायत कहाँ करें?
उत्तर: कार्यालयाध्यक्ष/AG कार्यालय (ई-मेल/ऑनलाइन/व्हाट्सऐप/डाक)।
प्रश्न 25: देरी के कारण?
उत्तर: प्रस्ताव देर से भेजना, पिछले 12 माह के अग्रिम/निकासी का प्रमाण न देना।
प्रश्न 26: प्राधिकरण मिलने के बाद?
उत्तर: संबंधित कोषागार में व्यक्तिगत प्रति प्रस्तुत कर भुगतान लें।
प्रश्न 27: व्यक्तिगत प्रति न मिले तो?
उत्तर: AG कार्यालय से संपर्क कर डुप्लीकेट प्रति प्राप्त करें।
प्रश्न 28: कार्यालय आए बिना स्थिति कैसे जानें?
उत्तर: mGPF मोबाइल ऐप, SMS सुविधा।
प्रश्न 29: भुगतान हेतु फंड/हेड?
उत्तर: अलग फंड आवश्यक नहीं; यह 8009-GPF (पब्लिक अकाउंट) से डेबिट होता है।
अनुभाग – C
DDOs हेतु GPF संधारण संबंधी FAQs
(1) GPF में प्रवेश हेतु आवेदन—निर्धारित प्रपत्र में 2 प्रतियाँ, पूर्ण विवरण सहित AG को अग्रेषित।
(2) पत्राचार में सही GPF खाता संख्या अवश्य उद्धृत करें।
(3) GPF लेन-देन का सही वर्गीकरण करें।
(4) AG द्वारा खाता संख्या आवंटन से पहले कटौती न करें।
(5) निलंबन अवधि में कटौती न करें।
(6) अंशदान 6% से कम न हो।
(7) वर्ष में एक से अधिक बार कमी/दो से अधिक बार वृद्धि न करें।
(8) Class-IV एवं अन्य कैडर के लेन-देन न मिलाएँ।
(9) अनुसूचियों/वाउचरों में सही खाता संख्या लिखें।
(10) Class-IV से Class-III पदोन्नति पर शेष राशि का स्थानांतरण।
(11) नामांकन—निर्धारित प्रपत्र में।
(12) GPF अग्रिम—शेष राशि/पिछले अग्रिम/हालिया प्रविष्टियों की जाँच।
(13) मिसिंग क्रेडिट—आवश्यक दस्तावेज AG को भेजें।
(14) अंतिम निकासी/भुगतान—सेवानिवृत्ति से पूर्व समय पर आवेदन।
(15) मृत्यु पर—फॉर्म “C” पूर्ण विवरण सहित।
(16) नाबालिग नामांकित होने पर—अभिभावक को भुगतान।
(17) AG से प्राप्त पत्रों का 15 दिन में उत्तर।
(18) प्राधिकरण मिलने पर 15 दिन में भुगतान सुनिश्चित करें।
(19) DLIS—उपरोक्त शर्तों के अधीन।
(20) DLIS हेतु सादा आवेदन + फॉर्म “C”。
(21) अंतिम निकासी आवेदन के बाद कोई अग्रिम स्वीकृत न करें।
(22) समय पर भुगतान सुनिश्चित करें।
(23) देरी पर ब्याज वसूली/अन्य कार्रवाई हो सकती है।
(24) बेहतर सेवा में सहयोग करें।
संपर्क:
ई-मेल: grievances[dot]tri[dot]ae[at]cag[dot]gov[dot]in
वेबसाइट: agtripura.gov.in
मोबाइल ऐप: mGPF
धन्यवाद।

