RTI Act
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RTI Act. 2005
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निर्णय लेने की प्रक्रिया
1. उद्देश्य
इस मैनुअल का उद्देश्य कार्यालय में विभिन्न प्रशासनिक, स्थापना, वित्तीय तथा लेखापरीक्षा संबंधी मामलों के निर्णय लेने की प्रक्रिया, पर्यवेक्षण (Supervision) तथा उत्तरदायित्व (Accountability) की व्यवस्था का सामान्य विवरण उपलब्ध कराना है।
2. निर्णय लेने की प्रक्रिया (Decision Making Process)
कार्यालय में निर्णय निर्धारित नियमों, विनियमों, कार्यालय आदेशों तथा नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) एवं भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार लिए जाते हैं।
निर्णय प्रक्रिया सामान्यतः निम्नलिखित चरणों का पालन करती है—
- संबंधित अनुभाग/शाखा द्वारा प्रस्ताव अथवा प्रकरण प्राप्त किया जाता है।
- अभिलेखों, नियमों एवं उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया जाता है।
- आवश्यक होने पर संबंधित अनुभागों/अधिकारियों से टिप्पणियाँ या परामर्श प्राप्त किया जाता है।
- सक्षम अधिकारी के समक्ष तथ्यात्मक एवं नियमाधारित टिप्पणी (Note) प्रस्तुत की जाती है।
- सक्षम अधिकारी द्वारा नियमों एवं प्रत्यायोजित शक्तियों के अनुसार निर्णय लिया जाता है।
- निर्णय के अनुसार आदेश जारी किए जाते हैं तथा आवश्यक अभिलेखों का अद्यतन किया जाता है।
3. पर्यवेक्षण की व्यवस्था (Channels of Supervision)
कार्यालय में प्रत्येक स्तर पर कार्यों का पर्यवेक्षण उच्च अधिकारी द्वारा किया जाता है।
सामान्य पर्यवेक्षण व्यवस्था निम्नानुसार है—
- अनुभाग स्तर पर – अनुभाग प्रभारी/लेखापरीक्षा अधिकारी
- शाखा स्तर पर – वरिष्ठ लेखापरीक्षा अधिकारी/उप निदेशक (जहाँ लागू हो)
- समूह स्तर पर – निदेशक (जहाँ लागू हो)
- कार्यालय स्तर पर – प्रधान निदेशक
प्रत्येक अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा, मार्गदर्शन एवं निगरानी करता है।
4. उत्तरदायित्व (Accountability)
निर्णय प्रक्रिया में प्रत्येक स्तर का अधिकारी—
- नियमों एवं सरकारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करता है।
- अभिलेखों की शुद्धता एवं पूर्णता के लिए उत्तरदायी होता है।
- अपने द्वारा प्रस्तुत टिप्पणियों एवं अनुशंसाओं के लिए उत्तरदायी होता है।
- सक्षम प्राधिकारी के निर्णयों के अनुपालन को सुनिश्चित करता है।
अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रत्यायोजित प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियों के अनुसार लिया जाता है।
5. निर्णयों का अभिलेखीकरण
सभी निर्णयों का अभिलेखीकरण ई-ऑफिस अथवा अन्य स्वीकृत अभिलेख प्रबंधन प्रणाली में किया जाता है। अभिलेखों का रख-रखाव लागू नियमों, रिकॉर्ड रिटेंशन शेड्यूल तथा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
6. पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व
कार्यालय निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए—
- लागू नियमों एवं दिशानिर्देशों का पालन करता है।
- प्रत्येक निर्णय का उचित अभिलेखीकरण करता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुरूप अभिलेखों का संरक्षण एवं सूचना उपलब्ध कराता है।
- आंतरिक नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण प्रणाली के माध्यम से निर्णयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।

