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वित्तीय
Haryana

भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का राज्य के वित्त पर लेखापरीक्षा प्रतिवेदन 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए- हरियाणा सरकार (वर्ष 2026 की रिपोर्ट संख्या 1)

दिनांक जिस पर रिपोर्ट की गई है:
सरकार के प्रकार
राज्य
क्षेत्र वित्त

अवलोकन

वर्ष 2024-25 के लिए राज्य के वित्त पर भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का प्रतिवेदन - 2026 की प्रतिवेदन संख्या 1, हरियाणा सरकार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 151 के अंतर्गत हरियाणा की विधानसभा के पटल पर रखने हेतु माननीय राज्‍यपाल को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया गया था। लेखापरीक्षा प्रतिवेदन दिनांक 13 अप्रैल 2026 को राज्य सरकार को भेज दिया गया था और इसे दिनांक 1 सितम्बर 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है।

हरियाणा राज्य के वित्त पर यह प्रतिवेदन वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए हरियाणा की राजकोषीय स्थिति का एक स्वतंत्र मूल्यांकन प्रदान करती है। इस प्रतिवेदन में तीन अध्याय हैं।

अध्‍याय 1 – राज्य के वित्त का विहंगावलोकन

यह अध्याय प्रतिवेदन के आधार और दृष्टिकोण का वर्णन करता है और राज्य के वित्त का एक व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रदान करता है। इसमें घाटे/अधिशेष, ऋण प्रोफाइल और मुख्‍य लोक लेखा लेनदेन सहित मुख्‍य सूचकांकों का वृहद राजकोषीय विश्लेषण और राज्य की राजकोषीय स्थिति शामिल है।

अध्‍याय 2 – बजटीय प्रबंधन

यह अध्याय राज्य के विनियोग लेखों पर आधारित है और राज्य सरकार के विनियोग तथा आवंटन प्राथमिकताओं की समीक्षा करता है और बजटीय प्रबंधन से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के विचलन पर रिपोर्ट करता है।

अध्‍याय 3 – वित्तीय रिपोर्टिंग व्‍यवहार

यह अध्याय राज्य सरकार के विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा प्रस्तुत लेखों की गुणवत्ता और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित वित्तीय नियमों और विनियमों का अनुपालन न करने के मामलों पर टिप्पणी करता है।

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