मंथन के बारे में

मंथन: एसएआई इंडिया का सार्वजनिक क्षेत्र लेखापरीक्षा एवं लेखांकन जर्नल एक सहकर्मी-समीक्षित जर्नल है जो सार्वजनिक क्षेत्र की लेखापरीक्षा, लेखांकन और जवाबदेही में ज्ञान और अभ्यास की कठोर उन्नति के लिए समर्पित है।

इस पत्रिका का उद्देश्य निम्नलिखित है:

  • सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में महत्वपूर्ण चुनौतियों और अवसरों को संबोधित करने वाले नवोन्मेषी, उच्च-प्रभावशाली शोध प्रकाशित करें।
  • राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर नीति और व्यवहार को सूचित करने वाली साक्ष्य-आधारित जानकारियों के प्रसार के लिए एक मंच प्रदान करना।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के शासन को बेहतर बनाने में लगे शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के बीच अंतर्विषयक संवाद को बढ़ावा देना।
  • सार्वजनिक क्षेत्र में लेखा परीक्षकों और लेखाकारों के व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना, विशेष रूप से भारत के सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थान (एसएआई) की भूमिका पर जोर देना।

टिप्‍पणी

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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
श्री के. संजय मूर्ति
Shri S. Anil
मंथन भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा विभाग की बौद्धिक जीवंतता और व्यावसायिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह हमारे इस विश्वास का प्रतीक है कि निरंतर सीखना, गहन चिंतन और ज्ञान साझा करना सार्वजनिक लेखापरीक्षा और जवाबदेही में उत्कृष्टता के आधार स्तंभ हैं।