ऑडिट प्रबंधन समूह-I की चारों शाखाओं के कार्य

ऑडिट प्रबंधन समूह-I (Audit Management Group-I) में चार शाखाएँ हैं, अर्थात् मुख्यालय (Headquarters), वेटिंग-I (Vetting-I), वेटिंग-II (Vetting-II) तथा डीपी सेल (DP Cell)। इन चारों शाखाओं के कार्य निम्नानुसार हैं—

1. ऑडिट प्रबंधन समूह-I (मुख्यालय)

यह शाखा ऑडिट प्रबंधन समूह-I की नियंत्रक (Controlling) शाखा है तथा मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों का निष्पादन करती है—

  • वार्षिक अंकेक्षण योजना (Annual Audit Plan) एवं वार्षिक पूर्वानुमान (Annual Forecast) का तैयार करना।
  • स्थायी कार्यक्रम पंजिका (Permanent Programme Register) का अद्यतन करना।
  • फील्ड पार्टियों के लिए त्रैमासिक भ्रमण कार्यक्रम (Quarterly Tour Programme) तैयार करना।
  • कार्मिक संबंधी प्रस्तावों, स्थानांतरण एवं पदस्थापन से संबंधित कार्यों का निष्पादन।
  • भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (C&AG) से प्राप्त पत्रों का निस्तारण।
  • विभिन्न प्रगति प्रतिवेदनों एवं विवरणियों (Returns) का संकलन।
  • भ्रमण कार्यक्रमों से संबंधित यात्रा भत्ता (TA) बिलों की जाँच कर उन्हें दावा शाखा (Claim Section) को प्रेषित करना।
  • सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं विभिन्न स्रोतों से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण।
  • निरीक्षण प्रतिवेदनों (Inspection Reports) की प्राप्ति तथा उन्हें संबंधित वेटिंग शाखाओं को अग्रेषित करना।
  • शाखा को समय-समय पर सौंपे गए अन्य प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन।

2. ऑडिट प्रबंधन समूह-I (वेटिंग-I)

यह शाखा निम्नलिखित विभागों एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों/इकाइयों के निरीक्षण प्रतिवेदनों का परीक्षण (Vetting), संपादन (Editing), टंकण (Typing) तथा निर्गमन (Issue) का कार्य करती है—

  1. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग।
  2. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग।

इसके अतिरिक्त, यह शाखा संबंधित लेखापरीक्षित इकाइयों (Auditee Units) से प्राप्त अनुपालन प्रतिवेदनों (Compliance Reports) की समीक्षा एवं परीक्षण करती है तथा मासिक एवं त्रैमासिक प्रगति प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करती है।

3. ऑडिट प्रबंधन समूह-I (वेटिंग-II)

यह शाखा निम्नलिखित विभागों एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों/इकाइयों के निरीक्षण प्रतिवेदनों का परीक्षण (Vetting), संपादन (Editing), टंकण (Typing) तथा निर्गमन (Issue) का कार्य करती है—

  1. उद्योग विभाग।
  2. खान एवं भू-तत्त्व विभाग।
  3. परिवहन विभाग।

इसके अतिरिक्त, यह शाखा संबंधित लेखापरीक्षित इकाइयों से प्राप्त अनुपालन प्रतिवेदनों की समीक्षा एवं परीक्षण करती है तथा मासिक एवं त्रैमासिक प्रगति प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करती है।

4. ऑडिट प्रबंधन समूह-I (डीपी सेल)

यह शाखा संभावित प्रारूप अनुच्छेदों (Potential Draft Paragraphs) के प्रसंस्करण एवं उन्हें सुदृढ़ बनाने का कार्य करती है। इस संबंध में संबंधित विभागों, प्रमंडलों एवं कार्यालयों के साथ पत्राचार किया जाता है। साथ ही, यह शाखा मासिक एवं त्रैमासिक प्रगति प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करती है।

 

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