बाहरी लेखापरीक्षकों का यूएन पैनल

1959 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बाहरी लेखापरीक्षकों के पैनल की स्थापना की, जिसमें संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के विशेष बाहरी लेखापरीक्षक शामिल थे, जो सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थानों के अध्‍यक्ष भी हैं। पैनल के सदस्य निरंतर रूप से अनुभव और पद्धतियों का आदान-प्रदान करते हैं ताकि संपूर्ण संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में बाहरी लेखापरीक्षा पद्धति में अधिक से अधिक संभव समानता सुनिश्‍चित हो सके।

पैनल के सदस्य संस्थानों के संसाधनों के उचित उपयोग के साथ-साथ उनके किफायती, कुशल और प्रभावी उपयोग के संबंध में सदस्य राज्यों और अन्य पणधारकों को स्वतंत्र आश्‍वासन प्रदान करते हैं। वे अपना संचालन और अपनी आंतरिक नियंत्रण गतिविधियों को सुधारने हेतु संस्थानों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं। पैनल के सदस्यों के निष्कर्षों और सिफारिशों को गंभीरता से लिया जाता है, और समयोचित और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सिफारिशों की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जाती है। इस प्रकार, पैनल के सदस्य संयुक्त राष्ट्र के चार्टर को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक दिसम्बर 2011 से दिसम्बर 2013 की अवधि के दौरान बाहरी लेखापरीक्षकों के पैनल के अध्यक्ष रहे। उसी अवधि के दौरान महानिदेशक (आईआर) पैनल के तकनीकी कार्यकारी समूह के अध्यक्ष थे। बाहरी लेखापरीक्षकों के यूएन पैनल की वेबसाइटhttp://www.un.org/en/auditors/board/ External website that opens in a new window है।

लेखापरीक्षों की संयुक्त राष्ट्र समिति

अधिदेश

7 दिसम्बर 1946 के संकल्प 74(1) के द्वारा, महासभा ने संयुक्त राष्ट्र संस्थान और उसकी निधि और कार्यक्रमों के लेखोओं की लेखापरीक्षा करने के लिये और प्रशासनिक और बजटीय प्रश्‍नों पर सलाहकार समिति के माध्‍यम से सभा को उसके निष्कर्ष और सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिये लेखापरीक्षकों की संयुक्त राष्ट्र मण्‍डल की स्थापना की। इसके लिये, महासभा ने तीन सदस्यों की नियुक्त की है, जिनमें से प्रत्येक, सदस्य राज्य का महालेखाकार (या समान पद पर अधिकारी) होना चाहिये। मंडल के सदस्य लेखापरीक्षा के लिये संयुक्त रूप से उत्तरदायी होते हैं।

लेखापरीक्षकों की संयुक्त राष्ट्र मण्‍डल की वेबसाइटhttp://www.un.org/en/auditors/board/External website that opens in a new window है।

भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक को 1 जुलाई 2014 से 30 जून 2020 तक की अवधि के लिये लेखापरीक्षकों के संयुक्त राष्ट्रमण्‍डल के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। 1 जुलाई 2016 से इस कार्यालय द्वारा निम्नलिखित यूएन संगठनों की लेखापरीक्षा की जायेगी:

    क. यूएन सचिवालय (खंड 1: प्रमुख लेखापरीक्षक)

    1. यूएनएचक्‍यू जिसमें ओएचआरएम, यूएनआईसीआरआई1 यूएनआरआईएसडी2 और यूएनएसएससी3 शामिल हैं।
    2. ओसीएचए4
    3. एसपीएमज5 (यूएनटीएसओ6, यूएनएमओजीआईपी7)
    4. यूएनओवी (वियना में संयुक्‍त राष्‍ट्र कार्यालय)
    5. डीईएसए (आर्थिक एवं सामाजिक मामलें विभाग)
    6. ईएससीडब्‍ल्‍यूए (पश्‍चिम एशिया के लिए आर्थिक आयोग)
    7. ईसीएलएसी (लेटिन अमेरिका तथा केरीबियन के लिए आर्थिक आयोग)
    8. ईएससीएपी (एशिया एवं पेसिफिक के लिए आर्थिक एवं सामाजिक आयोग)
    9. ईसीए (अफ्रीका के लिए आर्थिक आयोग)
    10. ईसीई (यूरोप के लिए आर्थिक आयोग)
    11. आईसीजे (अंतर्राष्‍ट्रीय न्‍यायालय)
    12. यूएमओजेए (यूएन-ईआरपी सिस्‍टम)
    13. सीएमपी (कैपिटल मास्‍टर प्‍लान)

    ख. निधि तथा कार्यक्रम
    1. यूनिसेफ (संयुक्‍त राष्‍ट्र बाल निधि)
    2. यूएनओपीएस (संयुक्‍त राष्‍ट्र परियोजना सेवा कार्यालय)
    3. यूएनजेएसपीएफ (संयुक्‍त राष्‍ट्र संयुक्‍त स्‍टाफ पैन्‍शन निधि)
    4. यूएनसीसी (संयुक्‍त राष्‍ट्र क्षतिपूर्ति आयोग)
    5. निलंब लेखा
    6. यूएनएफआईपी (संयुक्‍त राष्‍ट्र अंतर्राष्‍ट्रीय भागीदारी निधि (यूएनएफआईपी)
    7. आईटीसी (अंतर्राष्‍ट्रीय ट्रेड सेंटर)
    ग. यूएन शान्‍ति अभियान [खण्‍ड II, प्रमुख लेखापरीक्षक-जर्मनी]
    1. एमआईएनयूएसटीएएच (हैली में संयुक्‍त राष्‍ट्र स्‍टैबिलाइजेशन मिशन)
    2. यूएनआईएफआईएल (लेबनान में संयुक्‍त राष्‍ट्र अंतरिम बल)
    3. यूएनएमआईके (कोसोवो में संयुक्‍त राष्‍ट्र अंतरिम प्रशासन मिशन)
    4. यूएनडीओएफ (संयुक्‍त राष्‍ट्र मुक्‍ति पर्यवेक्षक बल)
    5. यूएनएफआईसीवाईपी (साइप्रस में संयुक्‍त राष्‍ट्र शान्‍ति बल)
    6. एमआईएनयूआरएसओ (पश्‍चिम सहारा में जनमत संग्रह हेतु संयुक्‍त राष्‍ट्र मिशन)
    घ. यूएन विशिष्‍ट एजेंसियां
    1. 2012से 2017 की अवधि के लिए विश्‍व बौद्धिक सम्‍पदा संगठन (डब्‍ल्‍यूआईपीओ) (जून 2018 तक)
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