अंतर्राष्‍ट्रीय लेखापरीक्षा उत्तरदायित्व

संयुक्त राष्‍ट्र लेखापरीक्षक बोर्ड

अधिदेश

7 दिसम्बर 1946 के संकल्प 74(।) द्वारा, महासभा ने संयुक्त राष्‍ट्र संगठन और इनकी निधियों और कार्यक्रमों के खातों की लेखापरीक्षा के लिए और प्रशासनिक और बजटीय प्रश्‍नों पर परामर्श समिति द्वारा सभा को अपने निष्‍कर्ष और सिफारिशों की रिपोर्ट देने के लिए संयुक्त राष्‍ट्र लेखापरीक्षक बोर्ड गठित किया और इसके लिए, महासभा तीन सदस्य नियुक्त करता है, जिनमें से प्रत्येक एक सदस्य राज्य से महालेखापरीक्षक (या समान पद रखने वाला अधिकारी) होना चाहिए। लेखापरीक्षाओं के लिए बोर्ड के सदस्यों का संयुक्त उत्तरदायित्व होता हैं।

लेखापरीक्षकों के यूएन बोर्ड की वेबसाईट है:http://www.un.org/en/auditors/board/ External website that opens in a new window

भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक को 1 जुलाई 2014 से 30 जून 2020 की अवधि हेतु यूएन लेखापरीक्षक बोर्ड के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। 1 जुलाई 2014 से इस कार्यालय द्वारा निम्नलिखित यूएन संगठनों की लेखापरीक्षा की जाएगी।

  • संयुक्त राष्‍ट्र शांति अभियान (यूएनपीकेओ)
  • संयुक्त राष्‍ट्र बाल कोष (यूनीसेफ)
  • संयुक्त राष्‍ट्र संयुक्त कर्मचारी पेंशन निधि (यूएनजेएसपीएफ)
  • संयुक्त राष्‍ट्र विश्‍वविद्यालय (यूएनयू)
  • संयुक्त राष्‍ट्र प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (यूनीटार)
  • संयुक्त राष्‍ट्र एस्क्रो लेखा
  • संयुक्त राष्‍ट्र जलवायु परिवर्तन पर फ्रेमवर्क सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी)
  • मरूसथलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्‍ट्र सम्मेलन (यूएनसीसीडी)
  • यूएन मुख्‍यालय

वर्तमान में भारत के नियंत्रक – महालेखापरीक्षक निम्नलिखित यूएन विशेषज्ञ एजेंसियों/ अंतर्राष्‍ट्रीय संगठनों के बाह्य लेखापरीक्षक हैं:

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